कोरोना वायरस के संक्रमण तथा इसकी रोकथाम के लिए 21 दिन के लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे असर को कम करने के लिए 26 मार्च को आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1.70 लाख करोड़ रुपए का ऐलान किया। यह राशि जरूरतमंदों की सहायता के लिए दी जा रही है।
उन्होंने कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए जुटे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए 50 लाख रुपए के बीमा कवर की घोषणा भी की है। वहीं मनरेगा के तहत दैनिक मजदूरी 182 रुपए से बढ़ाकर 202 रुपए की गई है। इससे पांच करोड़ परिवारों को लाभ होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत 8.69 करोड़ किसानों को अप्रैल के पहले सप्ताह में दो-दो हजार रुपए का अग्रिम भुगतान करेगी।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार के आर्थिक सहायता पैकेज के ऐलान की तारीफ की है। उन्होंने अपने एक ट्वीट में कहा, "आज सरकार द्वारा आर्थिक पैकेज की घोषणा करना सही दिशा में उठाया गया पहला कदम है। भारत अपने किसानों, दैनिक वेतन भोगियों, मजदूरों, महिलाओं और बुजुर्गों के कर्ज ऋणी है जो देशव्यापी लॉकडाउन (बंद) का खामियाजा भुगत रहे हैं।"
यहां बिंदुवार जानिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की घोषणा में क्या है:
- कोरोना वायरस के संक्रमण में लोगों के इलाज में लगे डॉक्टरों, पारामेडिकल कर्मियों, चिकित्सा सेवा कर्मियों को 50 लाख रुपए प्रति परिवार का बीमा कवर दिया जाएगा।
- राशन की दुकानों से 80 करोड़ परिवारों को अतिरिक्त 5 किलो गेहूं या चावल के साथ एक किलो दाल तीन महीने तक मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।
- जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1.70 लाख करोड़ रुपए की घोषणा।
- प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत 8.69 करोड़ किसानों को अप्रैल के पहले सप्ताह में दो-दो हजार रुपए की अग्रिम किस्त का भुगतान।
- मनरेगा के तहत दैनिक मजदूरी 182 रुपए से बढ़ाकर 202 रुपए, पांच करोड़ परिवारों को होगा लाभ।
- तीन करोड़ गरीब वृद्धों, गरीब विधवाओं तथा गरीब दिव्यांगों को एक-एक हजार रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा।
- 20 करोड़ जनधन खाताधारक महिलाओं को अगले तीन महीने तक प्रति माह मिलेंगे 500 रुपए।
- उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अगले तीन महीने तक मुफ्त मिलेगा रसोई गैस सिलिंडर, 8.3 करोड़ गरीब परिवारों को होगा लाभ।
- 63 लाख महिला स्वयंसेवी समूहों के लिए रहन- मुक्त कर्ज दोगुना कर 20 लाख रुपए किया गया, सात करोड़ परिवारों को होगा लाभ।
- कई कंपनियों के लिए अगले तीन महीने तक नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का भविष्य निधि योगदान जमा करेगी सरकार।
- कर्मचारियों को भविष्य निधि खाते से 75 प्रतिशत जमा राशि अथवा तीन महीने के वेतन में जो भी कम हो उसे निकालने की अनुमति।
- कुल 1.7 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज का क्रियान्वयन तत्काल प्रभाव से होगा, नकदी एक अप्रैल से डालनी शुरू होगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन से निपटने के लिये आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज को अंतिम रूप दिया गया है।