कर्नाटक : देशव्यापी तालाबंदी के बावजूद, तमाम नियमों का उल्लंघन करते हुए कैलाबुरागी जिले के रावूर गांव में सिद्दलिंगेश्वर यात्रा का आयोजन किया गया।यह महोत्सव गुरुवार को मनाया गया है जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हुई और रथ यात्रा निकाली गई लगभग 150 से 200 लोग इकट्ठा हुए और लॉक डाउन के तमाम नियमों का उल्लंघन किया गया यह कार्यक्रम गुरुवार की सुबह से ही आयोजन किया गया।
क्षेत्र के तहसीलदार उमाकांत हाले ने मीडिया से बात करते हुए इस बात की पुष्टि की के रथ को श्रद्धालुओं की भीड़ ने खींचा और महोत्सव मनाया गया उन्होंने कहा कि सिद्ध लिंगेश्वर मंदिर ट्रस्ट ने प्रशासन को एक तरह से गुमराह कर के इस कार्यक्रम को आयोजित किया।
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उन्होंने कहा कि पहले मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस कार्यक्रम को रद्द करने की बात कही गई लेकिन गुरुवार की सुबह 5:00 बजे से ही पूजा और रथ को खींचना शुरू कर दिया गया और प्रशासन को खबर भी नहीं की गई।
तहसीलदार ने बताया कि इस मामले में शामिल लोगों को पुलिस कार्रवाई में शामिल किया गया है, और उनके ऊपर उचित कार्यवाही की जा रही है।
जिले के एसपी इडा मार्टिन मारबानियांग ने कहा -
"आज प्रातः 6.30 बजे, लगभग 20 मिनट के लिए 100-150 लोग सिद्धलिंगेश्वर मंदिर के पास आए थे और रथ को खींचने वाले जुलूस में भाग लिया था। लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन के लिए उन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है (20 नाम और अन्य की पहचान की जा रही है)। मारबानियांग ने यह भी कहा कि एक सब-इंस्पेक्टर को भी निलंबित कर दिया गया है।
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आपको बताते चलें कि कर्नाटका का यह जिला भारत में सबसे पहले कोरोना पॉजिटिव पाए जाने वाला जिला है,जहां 100 से अधिक कोरोना के मामले देखने को मिले साथ ही साथ तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है,पर इस तरह की लापरवाही शासन प्रशासन पर सवाल खड़े करता है।
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